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Sanatan Sankalp Programme
सनातन संकल्प सत्र: बानपुर में धर्मचेतना का नया अध्याय
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संस्कार–संरक्षण का महायज्ञ: संकल्प सत्र में लोगों की ऐतिहासिक सहभागिता

संस्कार–संरक्षण का महायज्ञ: संकल्प सत्र में लोगों की ऐतिहासिक सहभागिता

संस्कार–संरक्षण का महायज्ञ: संकल्प सत्र में लोगों की ऐतिहासिक सहभागिता
सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित करने के इस अद्वितीय अभियान ने कई लोगों की उपस्थिति के साथ एक नई ऊर्जा, नई दिशा और नए संकल्प का मार्ग प्रशस्त किया। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था — यह समाज, संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए सामूहिक संकल्प का उत्सव बन गया।
उत्तर प्रदेश, 23 दिसंबर 2025: सनातन सांस्कृतिक संघ द्वारा आयोजित सनातन संकल्प सत्र कार्यक्रम का आयोजन बजरंगगढ़ हनुमान मंदिर, कस्वा बानपुर में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालु, समाजसेवी और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। इस आयोजन ने सनातन संस्कृति, धार्मिक सद्भाव, और समाज में संस्कारों के संवर्धन का संदेश बड़े उत्साह के साथ फैलाया। यह कार्यक्रम एकता, संस्कृति संरक्षण, और आध्यात्मिक जागरण का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण रहा, जो उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और सामाजिक समरसता की दिशा में एक सकारात्मक प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य और संदेश

सनातन संस्कृति संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती हरिप्रिया भार्गव ने कहा कि सनातन संस्कृति ही भारतीय सभ्यता का आधार है। बच्चों को संस्कारों से जोड़ने के लिए धार्मिक ग्रंथों और सनातन संस्कृति का ज्ञान आवश्यक है। आज की ज़रूरत यह है कि हम सब एकजुट होकर संस्कृति के संरक्षण में योगदान दें और अपने मूल संकल्प को दृढ़ बनाएं। इस कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि मोक्षलक्षी धर्मों वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख को एक सूत्र में पिरोकर जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज का निर्माण करना अत्यावश्यक है।
Sanatan Sanskrutik Sangh

पंच महाभूतों की साक्षी में लिया गया संकल्प

संपूर्ण जनसमूह ने अग्नि, जल, वायु, धरती और आकाश — पंचमहाभूतों की साक्षी में निम्न पाँच संकल्प लिए: हम मोक्षलक्षी धर्मों को एक सूत्र में बांधेंगे।
  1. सनातन और शाश्वत परंपराओं को बिखरने नहीं देंगे।
  2. आधुनिकता अपनाएँगे पर अपनी जड़ों से नहीं कटेंगे।
  3. नई पीढ़ी को संस्कृति से जोडेंगे।
  4. व्यवस्थित और सशक्त समाज का निर्माण करेंगे।
    यह संकल्प ना सिर्फ बानपुर क्षेत्र बल्कि पूरे बुंदेलखंड में सनातन संस्कृति के उत्थान और सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
यह संकल्प ना सिर्फ बानपुर क्षेत्र बल्कि पूरे बुंदेलखंड में सनातन संस्कृति के उत्थान और सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
Haripriyaa Bharggav
संस्कार संरक्षण का महायज्ञ

विशाल भंडारे और सामूहिक सेवा

कार्यक्रम में भव्य प्रसाद भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गाँवों से आए हजारों धर्मालु शामिल हुए। सनातन परंपरा के अनुसार पूरे परिसर में सौहार्द और संस्कारों की अनुभूति समायी, यह आयोजन समर्पण, सेवा और संस्कृति का अभूतपूर्व संगम रहा
Haripriyaa Bharggav
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की अध्यक्षता महिला मोर्चा महामंत्री श्रीमती वीणा जैन, जिन्होंने बताया कि इस प्रयास से प्रदेश में सांस्कृतिक परिवर्तन और सामाजिक शंखनाद होंगे। अभियान में उपस्थित प्रमुख जनों में ब्रह्मकुमारी रुवी दीदी, नीता खरे, डॉ. नीलम सर्राफ, चेष्टा श्रीवास्तव, डाली राजा, आरती सिंह, उर्मिला देवी, वरिष्ठ पत्रकार पवन संज्ञा, डॉ. बी.आर. विश्वकर्मा, अक्षय अलाया, डॉ. जितेंद्र जैन, सुदामा दुबे (पत्रकार बाँसी), हरचरन राजपूत, भरत कुशवाहा, हरी सिंह आदि शामिल रहे। कई वरिष्ठ समाजसेवी, पत्रकार और धर्मप्रेमी भी इस आयोजन में उपस्थित रहे।
 

सनातन संस्कृति: उत्तर प्रदेश की पहचान

उत्तर प्रदेश 2025 में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के केन्द्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में ऐसे कार्यक्रमों से धार्मिक पर्यटन, संस्कृतिक कार्यक्रम, और सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है — जैसे कि उत्तर प्रदेश में अब तक महा कुम्भ मेला, दीपोत्सव और संस्कृति उत्सव जैसे आयोजन हुए हैं जो लोगों में आस्था और सांस्कृतिक चेतना जगाते हैं।
सनातन संकल्प सत्र भी इसी परंपरा का एक जीवंत उदाहरण बन गया है, जिसने बुंदेलखंड के धार्मिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में नई ऊर्जा और प्रेरणा भर दी है।
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