Facebook Pixel Tracker
Sanatan Sanskrutik Sangh - Haripriyaa Bharggav
भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका
August 12, 2024
Sanatan Sanskrutik Sangh - Haripriyaa Bharggav
दीपावली क्यों मनाई जाती है: एक विशेष पर्व की कहानी
November 10, 2024

कब है दीवाली? 31 अक्टूबर या 1 नवंबर?

When is Diwali 31st or 1st November?

दीवाली, भारतीय संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है, जो देशभर में उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। हर वर्ष दीवाली की तारीख कार्तिक माह की अमावस्या को निश्चित होती है, लेकिन इस बार तारीख को लेकर कई लोगों में उलझन बनी हुई है। इस लेख में हम इस उलझन को दूर करने का प्रयास करेंगे और जानेंगे कि इस वर्ष दीवाली कब मनाई जानी चाहिए – 31 अक्टूबर या 1 नवंबर?

दीवाली का महत्व और तिथि निर्धारण

हिंदू धर्म में दीवाली का विशेष स्थान है। इसे अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का पर्व माना जाता है। अमावस्या की रात, जब चाँद आसमान में दिखाई नहीं देता, तब दीयों की रोशनी से घर-घर को जगमगाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, दीवाली कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाई जाती है।

क्यों है इस बार दो दिन?

इस वर्ष कार्तिक अमावस्या की शुरुआत 31 अक्टूबर को दोपहर 3:12 बजे से हो रही है और इसका अंत 1 नवंबर को शाम 5:14 बजे होगा। इसका मतलब है कि अमावस्या की रात 31 अक्टूबर को होगी। अमावस्या का यह समय दो दिनों में विभाजित है, जिससे यह असमंजस उत्पन्न हो गया है कि दीवाली कब मनाई जानी चाहिए।

पंडितों की राय

हिंदू पंडितों और ज्योतिषाचार्यों की मानें तो कार्तिक अमावस्या की सही तिथि 1 नवंबर को मानी जाएगी। लेकिन धार्मिक मान्यता और परंपराओं के अनुसार, दीवाली का पर्व अमावस्या की रात को मनाना ही शुभ माना जाता है। इस वर्ष 31 अक्टूबर की रात को अमावस्या का प्रवेश हो रहा है, इस कारण से 31 अक्टूबर की रात को दीवाली मनाना अधिक शुभ और उपयुक्त रहेगा।

क्या है निष्कर्ष?

अतः दीवाली का पर्व 31 अक्टूबर की रात को मनाना ही उचित होगा। इस दिन घरों में लक्ष्मी पूजन, दीप प्रज्वलन और आनंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा, ताकि माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त हो और घर-परिवार में समृद्धि और खुशहाली का आगमन हो।

दीवाली की शुभकामनाएँ!

इस वर्ष की दीवाली आपके लिए मंगलमय हो, और आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाए। यदि आपके मन में दीवाली की तिथि को लेकर कोई संशय था, तो अब आप इसे दूर कर सकते हैं। आशा है कि इस जानकारी से आपकी उलझन समाप्त हुई होगी।

आपके परिवार में सुख-समृद्धि और प्रेम का प्रकाश हमेशा बना रहे। इस शुभ अवसर पर इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करें और उन्हें भी इस पर्व की सटीक तिथि से अवगत कराएँ।

Stories

Other Stories

April 10, 2026

अहिंसा का सिद्धांत: भारतीय धर्मों की साझा विरासत

प्रस्तावना: अहिंसा मानवता का सर्वोच्च मूल्य (Ahimsa as the Highest Value of Humanity) मानव सभ्यता के विकास के साथ-साथ अनेक विचारधाराएँ, सिद्धांत और जीवन-मूल्य सामने आए, […]
April 9, 2026

धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष: मानव जीवन के चार पुरुषार्थ

मानव जीवन का उद्देश्य क्या है? (What is the Purpose of Human Life?) मनुष्य का जीवन केवल जन्म, भोजन, कर्म और मृत्यु तक सीमित नहीं है। […]
Translate »

You cannot copy content of this page