सनातन संस्कृति की पुनर्जागरण गाथा: जब एक मंच पर एकत्र हुए हजारों सनातनी और एक साझा संकल्प
सनातन सांस्कृतिक संघ के सदस्यता अभियान में हुआ पुस्तक विमोचन एवं विशाल भंडारे का आयोजन
सनातन संस्कृति के संरक्षण, संगठन और संस्कारों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सनातन सांस्कृतिक संघ द्वारा एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन संघ के सदस्यता अभियान, पुस्तक विमोचन एवं विशाल भंडारे के रूप में संपन्न हुआ, जिसमें जिले के लगभग 100 से अधिक गाँवों से संतों, समाजसेवियों, युवाओं, मातृशक्ति और जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
सनातन चेतना का सशक्त मंच
यह भव्य कार्यक्रम चिरगांव स्थित कनकने वाटिका में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सनातन सांस्कृतिक संघ की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती हरिप्रिया भार्गव ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के मूल्यों को पुनः स्थापित करना, समाज को एक सूत्र में बाँधना और आने वाली पीढ़ियों को संस्कारित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान ‘सनातन संकल्प पत्र’ को औपचारिक रूप से अंगीकार किया गया, जिसके माध्यम से उपस्थित जनसमूह ने सनातन धर्म की रक्षा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और उन्हें भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया। यह क्षण संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक चेतना से भर देने वाला रहा।
पुस्तक विमोचन: बच्चों में संस्कारों की मजबूत नींव
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘सनातन सांस्कृतिक सूची’ का विमोचन रहा। यह पहल विशेष रूप से 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रारंभ की गई है, ताकि उनमें सनातन संस्कृति की सही समझ, जीवन मूल्यों और वैचारिक स्पष्टता का विकास हो सके। यह प्रयास बच्चों को संस्कारित नागरिक और राष्ट्रसेवक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रीय अध्यक्षा का प्रेरक संदेश
मंच से संबोधित करते हुए श्रीमती हरिप्रिया भार्गव ने कहा कि हमारे पूर्वज जिस भारतीय संस्कृति को सहेज कर गए हैं, उसे बचाना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है। यदि हम जाति और मतभेदों में बँटते रहे, तो सनातन कमजोर होता जाएगा। सनातन तभी सुरक्षित रहेगा जब समाज संगठित और एकजुट रहेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सनातन सांस्कृतिक संघ का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को ऐसे संस्कार देना है, जिससे वे समाज और राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सकें। संघ सभी सनातनियों को जोड़कर उनकी समस्याओं के समाधान और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्य करेगा।
विशेष अतिथि एवं वक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विनोद सचान (राष्ट्रीय सलाहकार), राजेश कपूर (राष्ट्रीय सलाहकार) तथा राष्ट्रीय कार्यकारी संयोजक मनोज जैन सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार साझा किए। अन्य वक्ताओं ने सनातन समाज को आत्मनिर्भर बनाने, सांस्कृतिक चेतना बढ़ाने और सामाजिक संगठन की आवश्यकता पर उपयोगी जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला पंचायत सदस्य आशीष रावत द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को अनुशासित और प्रभावशाली रूप से संचालित किया।
विशाल भंडारा एवं आध्यात्मिक यात्रा
कार्यक्रम के उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके पश्चात संघ के सदस्यों ने श्री रामराजा सरकार के दर्शन कर आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर ललितपुर-झांसी क्षेत्र से हजारों सनातनियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
संगठन की सक्रिय भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सदस्यता अभियान टीम, महिला टीम और समर्पित कार्यकर्ताओं ने निष्ठा और सेवा भाव से अपना दायित्व निभाया। यह कार्यक्रम संगठन की शक्ति, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बना।
निष्कर्ष
यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण की सशक्त घोषणा था। सदस्यता अभियान, पुस्तक विमोचन और संकल्प के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सनातन सांस्कृतिक संघ समाज, संस्कृति और राष्ट्र के निर्माण में निरंतर अग्रसर है।





